जीवन की परिभाषा सरल भी है और कठिन भी अपनी-अपनी सोच के अनुसार । जैसे जीवन एक यात्रा के सामान है । सफ़र में कई लोग मिलते है । पर जब पहला इस्टेसन आता है । कुछ लोग का साथ छुट जाता और कुछ आगे साथ चलते है । ऐसे ही हर इस्टेसन पर कुछ नये लोगो से मुलाकात होती है । तो कुछ लोगो से अलग हो जाते है । इस सफ़र में रस्ते में कही सुन्दर वातावरण देखने मिलता है तो कही बंजर जमीन । कभी कुछ देख के बहुत अच्छा लगता है तो कभी मन में उदासी आ जाती है । जीवन के इस सफ़रमें कई मोड़ ऐसे आते जिनसे कभी हमें खुशी होती है तो कभी दुःख मिलता है । जीवन में कुछ ऐसे इन्सान से मुलाकात हो जाती है जिनसे हम कभी भी अलग नहीं होना चाहते है । मौत ऐसी सच्चाई है जिसे कोई नहीं बदल सकता ऐ वो पल होता है जिस पल हम उस इंसान से अलग हो जाते है जिससे हम अलग होकर एक पल भी नहीं जी सकते पर फिर भी हम जीते है क्योकि यही सच्चाई है । इन्सान को हर हाल मे जीना ही पड़ता है । जीवन मे धुप - छाव की तरह सुख और दुःख आते जाते है ।
जीवन में आया हुआ हर बुरा वक्त एक काली रात की तरह कट जाता है । और आने वाली हर सुबह इन्सान के जीवन में रौशनी की इक किरण लेकर आती है जो बुरे वक्त के दुःख को सुख में बदल देती है । इन्सान को अपना धीरज कभी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि रात के बाद सुबह जरुर आता है ये विस्वास होना चाहिए ।